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मुख्‍य पृष्‍ठ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाएं जापान अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग बैंक (जेबीआईसी)

जापान अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग बैंक (जेबीआईसी)

जापान अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग एजेंसी सहायता प्राप्‍त परियोजनाएं:

नोडल खंड: बाह्य सहायता खंड

जापान अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) की सहायता से चल रहीं परियोजनाओं की स्‍थिति निम्‍नवत् हैं:

1. आन्‍ध्र प्रदेश सिंचाई और आजीविका सुधार परियोजना (एपीआईएलाआईपी) (आईडीपी-181)

नोडल विभाग: सिंचाई और सीएडी विभाग

उद्देश्‍य: इस परियोजना का समग्र उद्देश्‍य सामुदायिक जल प्रबंधन के माध्‍यम से सिंचाई क्षमता को स्‍थिर करते हुए ग्रामीण आजीविका में सुधार करने और गरीबी को कम करना है।

संघटक: इस परियोजना का मुख्‍य संघटक लघु सिंचाई सुविधाओं का निर्माण करना है जिनमें शामिल है (एक) मझौली सिंचाई सुविधाओं का पुनर्वास (दो) परियोना डब्‍लूयूए (जल प्रयोगकर्ता संघ) का गठन और क्षमता निर्माण (तीन) क्षेत्र सुधार में सहायता (चार) परामर्शी सेवाएं। इस परियोजना में 15 मझौली उप परियोजनाएं शामिल हैं। इस परियोजना को माच, 2007 में शुरू किया गया था और जुलाई 2016 में बंद किया गया है। कुल 23,974 मिलियन जापानी येन जेआईसीए ऋण में से 10, 766 मिलियन जापानी येन को दिनांक 31.03.2015 तक इस्‍तेमाल कर लिया गया है।

लगभग 43,269 एकड़ की नई सिंचाई क्षमता सृजित करने के लिए 48 अधिशेष नदी बेसिनों में 55 नई लघु सिंचाई तालाब के खनन (अनुमानित लागत 352.98 करोड़ रूपए) का कार्य तथा 2,92,011 एकड़ के अयाकट को स्‍थिर करने एवं 85,250 एकड़ के आयाकट के अंतर को कम करने के लिए 20 विद्यमान मझौली सिंचाई उप परियोजनाओं के पुनर्वास संबंधी कार्य (अनुमानित लागत 521.04 करोड़ रूपए) कार्यान्‍वयनाधीन हैं।

2. राजस्‍थान लघु सिंचाई संवर्धन परियोजना (आरएजेएएमआईआईपी) (आईडीपी-161):

नोडल विभाग: जल संसाधन विभाग

उद्देश्‍य: इस परियोजना का समग्र उद्देश्‍य है (एक) सतह सिंचाई प्रणाली कार्यनिष्‍पादन क्षमता को मजबूत करना और उपयोगकर्ताओं के अधिक रूप में शामिल करते हुए चयनित योजनाओं में कृषि सहायक सेवाओं को सुदृढ़ करना, (दो) खाद्यान्‍न उत्‍पादन को बढ़ाना और गरीबी उन्‍मूलन करना, (तीन) सरकारी अधिकारियों और डब्‍लूयूए की क्षमता को मजबूत करना, (चार) नीतिगत योजना की क्षमता का मजबूत करना और सतह जल संसाधन के सतत विकास और प्रबंधन को मजबूत करना।

संघटक : इस परियोजना का मुख्‍य संघटक हैं: (एक) 415 लघु सिंचाई योजनाओं के पुनर्वास हेतु सिविल कार्य, (दो) तकनीकी और संस्‍थागत सहायता, और (तीन) परामर्शी सेवाएं। इस परियोजना का कुल खेती योग्‍य कमान क्षेत्र (सीसीए) 1.54 लाख हेक्‍टेयर है। इस परियोजना को मार्च, 2005 में शुरू किया गया था और इसे जुलाई, 2015 में बंद किया गया । जेआईसीए से कुल ऋण सहायता राशि जेपीवाई 11, 555 मिलियन है जिनमें से 3907.15 मिलियन जापानी येन को दिनांक 31.03.2015 तक संवितरित कर दिया गया है।

3. रेंगली सिंचाई उप परियोजना, लेफ्ट बैंक कैनाल( एलबीसी- दो), चरण –एक (आईडीपी 210 और 210-क):

नोडल विभाग: जल संसाधन विभाग

उद्देश्‍य: इस परियोजना का समग्र उद्देश्‍य कृषि उत्‍पादन को बढ़ाना और इसके माध्‍यम से सिंचाई प्रणाली का निर्माण कर परियोजना क्षेत्र में किसानों के जीवन स्‍तर में सुधार करना है।

संघटक: इस परियोजना का मुख्‍य संघटक   रेंगली सिंचाई लेफ्ट बैंक कैनाल प्रणाली (एलबीसी- दो), चरण –एक  का निर्माण करना और आवश्‍यक संवितरण प्रणाली और अनुषंगी प्रावधान करना है। मार्च, 2010 में ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर हुए थे  और इस परियोजना को नवम्‍बर, 2015 में बंद किया जाना है। 3072 मिलियन जेपीवाई की संस्‍वीकृत जेआईसीए ऋण सहायता में से दिनांक31.03.2015 तक 3067.75 मिलियन जेपीवाई को संवितरित कर दिया गया है।