- माननीय मंत्री (जल संसाधन) की अध्यक्षता में वर्ष 2006 में सरकार द्वारा इसका गठन किया गया ।
- सलाहकार परिषद का मुख्य उद्देश्य दावाधारकों के बीच कृत्रिम पुनर्भरण की अवधारणा को लोकप्रिय बनाना है ।
- इस सलाहकार परिषद में विभिन्न संबंधित केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों के सदस्य, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों, वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि, उद्योगों के प्रतिनिधि तथा प्रख्यात विषय विशेषज्ञ/किसान/गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं ।
- सलाहकार परिषद की पहली बैठक जुलाई 2006 में और दूसरी सितम्बर, 2007 में आयोजित की गई ।
- परिषद का सिफारिश के अनुसार जल संसाधन मंत्रालय में विभिन्न कार्रवाईयां प्रारंभ की गर्इं जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:-
v प्रथम राष्ट्रीय भूजल सम्मेलन का आयोजन ।
v वर्ष 2007 की 'जल वर्ष' के रूप में घोषणा ।
v किसान सहभागिता कार्रवाई अनुसंधान कार्यक्रम (एफपीएआरपी) का कार्यान्वयन।
v गैर-सरकारी संगठनों/ग्राम पंचायतों/शहरी स्थानीय निकायों को प्रोत्साहित करने के लिए भूमिजल संवर्धन पुरस्कार और राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरूआत ।
v 'जल की प्रत्येक बूंद से अधिक से अधिक फसल एवं आय प्राप्त करने' संबंधी रिपोर्ट तैयार की गई और सिफारिश के संबंध में अनुवर्ती कार्रवाई प्रारंभ की गई।
v उद्योगों के लिए जल संबंधी एक नीति तैयार करना जिसे जल संसाधन मंत्रालय में अंतिम रूप दिया जा रहा है ।
|